रुडकी, जनवरी 10 -- माघ के महीने में भी शीतलहर के कारण सर्दी अपने पूरे चरम पर है। दिन में धूप निकलने से तापमान भले ही थोड़ा सा ऊपर चला जाता है, मगर रात की ठंडी हवा रजाई के भीतर भी हड्डियों को कंपकपा रही है। मौसम के जानकारों का मानना है कि दिसंबर की तरह जनवरी भी पिछले सालों से अधिक सर्द रहेगा। हिंदी पंचांग के अनुसार पूस महीने में सबसे अधिक ठंड पड़ती है। इसके बाद माघ शुरू होते ही सर्दी घटने लगती है। इस बार चार जनवरी से माघ का महीना शुरू हो चुका है। मगर ठंड कम होने के बजाय और बढ़ रही है। शुक्रवार की रात जनवरी में अभी तक की सबसे ज्यादा सर्द रही। शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 18 डिग्री रहा। जबकि रात में यह घटकर 6.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रात के समय घना कोहरा पड़ने से तापमान नीचे जा रहा है।

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