पाकुड़, अगस्त 6 -- महेशपुर, एक संवाददाता। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री सह दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए झामुमो के वरीय कार्यकर्ता सह सांसद प्रतिनिधि कुणाल अल्फ्रेड हेम्ब्रम ने बताया कि गुरुजी शिबू सोरेन सिर्फ एक नाम नहीं, एक युग थे। एक विचार, एक आंदोलन, एक संघर्ष और एक उम्मीद थे। दिशोम गुरू स्व. शिबू सोरेन के निधन से न सिर्फ झारखंड मुक्ति मोर्चा बल्कि पूरे झारखंड वासियों को गहरा सदमा पहुंचा है। यह एक अपूरणीय क्षति है। जिसे कभी न तो पूरा किया जा सकता है और न ही भुलाया जा सकता है। उनके लंबे संघर्ष का परिणाम ही है कि अलग झारखंड राज्य का गठन संभव हो पाया। हम सभी गर्व व अभिमान से अपने आप को झारखंडी कह पा रहे हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा उनके पूरे परिवार को इस विषम दुख को सहने की क्षमता प्रदान करे। ...
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