सिद्धार्थ, फरवरी 14 -- सिद्धार्थनगर। कोई भी शारीरिक अक्षमता बच्चों की पढ़ाई में बाधा नहीं बन सकती। यदि अभिभावक और शिक्षक समय रहते बच्चों की विभिन्न शारीरिक एवं मानसिक अक्षमताओं को चिन्हित कर समावेशी शिक्षा के लिए सहज वातावरण सृजित करें तो निश्चित रूप से सामान्य बच्चों के साथ ही विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को भी शिक्षा की मुख्य धारा में शामिल किया जा सकता है। ये बातें बीआरसी नौगढ़ में आयोजित शिक्षकों के समावेशी शिक्षा प्रशिक्षण के समापन के अवसर पर बीईओ रामकुमार सिंह ने कही। पांच दिवसीय प्रशिक्षण में राकेश चौधरी, विनय पांडेय, चित्ररेखा मिश्रा, सुषमा पांडेय एवं अवधेश वर्मा आदि प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों की विभिन्न शारीरिक अक्षमताओं की पहचान, उपचार एवं बुनियादी शिक्षा से जोड़ने संबंधित जन जागरूकता के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। प्रशिक्षण म...