हरिद्वार, जुलाई 14 -- कांवड़ यात्रा के बीच श्रद्धा, सेवा और प्रेम का एक मार्मिक दृश्य हरिद्वार में देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर से आई 28 वर्षीय आशा अपने दिव्यांग पति सचिन को कंधे पर बैठाकर मंदिरों के दर्शन करवा रही हैं। यही नहीं, वह हर की पैड़ी से गंगाजल भरकर पैदल वापस 170 किलोमीटर का सफर तय करने की भी ठान चुकी हैं। उनके साथ दो छोटे बच्चे भी हैं। सोमवार को पूरे परिवार ने सोमवार को दक्षेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव की पूजा अर्चना की। पिछले साल बीमारी के चलते सचिन अपने पसंदीदा कांवड़ मेले में शामिल नहीं हो सके थे। इस साल भी जब चलना-फिरना भी मुमकिन नहीं रहा, तो उनकी पत्नी आशा ने ठान लिया कि वह पति को कंधे पर बैठाकर हरिद्वार लेकर आएंगी और कांवड़ यात्रा पूरी कराएंगी।
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