गंगापार, फरवरी 13 -- मनुष्यों में इक्कीस प्रकार की दिव्यांगता होती हैं। इन सभी की पहचान हो जाय तो इन्हें समर्थ बनाया जा सकता हैं। इसकी शुरुआत छात्र जीवन से ही हो जानी चाहिए। इस हेतु परिषदीय विद्यालयों में स्पेशल एजुकेटर, दिव्यांग छात्रों के पठन पाठन, कृतिम अंगों प्रदान कराकर सहयोग किया जाता हैं। उक्त बातें फूलपुर बीआरसी सभागार में समेकित शिक्षा के अंतर्गत पांच दिवसीय प्रशिक्षण के समापन अवसर पर प्रतिभागी शिक्षकों को संबोधित करते हुए बीईओ प्रदीप कुमार सिंह ने कहीं। स्पेशल एजुकेटर विपिन द्विवेदी और अमिता श्रीवास्तव ने कहा कि इन छात्र छात्राओं को कक्षाओं में ही समायोजित करके शिक्षा दी जानी चाहिए। मौके पर शशिकांत मिश्रा, दिनेश मिश्रा, अतुल कनौजिया, शालिनी पटेल, अमरेन्द्र सिंह, पूनम यादव, मो.इमरान सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।

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