लखीमपुरखीरी, अगस्त 25 -- गोला गोकर्णनाथ, संवाददाता। भारतीय दिव्यांग यूनियन के पदाधिकारियों और बैंक अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में दिव्यांगजन ने मांग की कि उन्हें मुद्रा ऋण योजना का लाभ दिलाया जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर होकर सम्मानजनक जीवन जी सकें। बैठक में बैंक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन दिव्यांगजनों की सिविल स्थिति शून्य (जीरो) है, केवल उन्हीं को मुद्रा ऋण योजना के अंतर्गत लाभ दिया जाएगा। इस पर यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि अधिकांश दिव्यांगजनों की आर्थिक स्थिति कमजोर है और ऋण की सुविधा मिलने पर ही वे अपना रोजगार शुरू कर पाएंगे। इसलिए प्रशासन और बैंक को मिलकर दिव्यांगों को अधिक से अधिक संख्या में इस योजना से जोड़ना चाहिए। दिव्यांगजनों ने कहा कि ऋण मिलने से वे स्वरोजगार के अवसर पैदा कर सकेंगे और अपने परिवार का भरण-पोषण अच्छे से कर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.