गांधीनगर, फरवरी 16 -- "मैं नदी के तेज बहाव के साथ जा रहा हूं। आप आ रहे हो न... मुझे बचा लो" यह लाइन किसी फिल्म की नहीं, गुजरात के गांधीनगर के भाट गांव में रहने वाले 24 साल के युवक की पुलिस संग बातचीत है। वैलेंटाइन डे की ठंडी सुबह तड़के 3.30 पर, जब ज्यादातर लोग सो रहे थे, युवक साबरमती नदी के कराई नहर इलाके में कूद पड़ा। वजह थी- प्रेमिका के धोखे का सदमा। लेकिन अगले ही पल, बहते पानी में तैरते हुए उसे होश आ गया कि 'जिंदगी अनमोल है!' इस अहसास ने उसे मौत के मुंह से खींच लिया। वॉटरप्रूफ फोन निकाला और 112 हेल्पलाइन पर कॉल कर दी। फिर जो हुआ उसके बाद, वो किसी बॉलीवुड फिल्म का सीन लगता है! 14 फरवरी की सुबह तड़के 3:35 बजे 112 कंट्रोल रूम की एक लाइन गूंजी। घबराई आवाज में युवक चिल्लाया, "मैं साबरमती में तैर रहा हूं, बचाओ!" कुछ मिनट पहले ही उसने हताशा म...