नई दिल्ली, फरवरी 21 -- वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली-एनसीआर में इंडस्ट्रियल पलूशन को रोकने के लिए नए और सख्त नियम लागू किए हैं। इसके तहत सभी चिन्हित उद्योगों के लिए पार्टिकुलेट मैटर यानी पीएम की अधिकतम सीमा 50 मिलीग्राम प्रति घन मीटर तय की गई है। आईआईटी कानपुर के अध्ययन पर आधारित यह फैसला वायु गुणवत्ता सुधारने और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए लिया गया है। बड़े उद्योगों को 1 अगस्त और अन्यों को 1 अक्टूबर तक इन्हें अपनाना होगा ताकि पलूशन में स्थायी कमी आ सके। अपडेट जारी
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.