नई दिल्ली, जनवरी 2 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रेडमार्क रजिस्ट्रार को फार्मास्यूटिकल या दवाओं के तौर पर रजिस्टर्ड सामान की श्रेणी में से एक्टिवपुष्पा मार्क हटाने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि यह पहले से रजिस्टर्ड मार्क हेमपुष्पा से धोखा देने वाला मिलता-जुलता है। न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ दिल्ली की आयुर्वेदिक दवा बनाने वाली कंपनी राजवैद्य शीतल प्रसाद एंड संस की ट्रेडमार्क एक्ट के तहत फाइल की गई एक याचिका पर सुनवाई कर रही है। याचिका में कहा गया कि वे हेमपुष्पा मार्क के पहले से रजिस्टर्ड इस्तेमालकर्ता हैं। दूसरे मार्क एक्टिवपुष्पा ने इसे गलत तरीके से अपना लिया है। प्रतिवादी ने गलत तरीके से विवादित मार्क को अपनाया है क्योंकि यह याचिकाकर्ता के मार्क जैसा ही है या धोखे से मिलता-जुलता है। इसलिए एक्टिवपुष्पा के मार्क को रद्द किया जा रहा है।...
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