संभल, दिसम्बर 27 -- खट्टा-मीठा स्वाद और आकर्षक रंगों से भरपूर स्ट्राबेरी अब सिर्फ पहाड़ी और ठंडे इलाकों की फसल नहीं रही। आधुनिक तकनीक और किसानों की मेहनत के दम पर संभल की धरती पर भी यह फल तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। जिले में करीब ढाई हजार एकड़ भूमि पर स्ट्राबेरी की खेती की जा रही है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ खुशहाली भी नजर आने लगी है। संभल से सटे रायसत्ती, नठेर, कल्याणपुर, खानपुर खुमार और मंडलाई जैसे इलाकों में स्ट्राबेरी की खेती लगातार बढ़ रही है। पहले जहां इन क्षेत्रों में आलू की खेती का चलन था, वहीं अब कम समय में अधिक मुनाफा मिलने के कारण किसानों ने फसल का रुख बदल लिया है। किसान इसके बाजार के लिए हाईटेक तकनीक को अपना रहा है। किसान अब स्ट्राबेरी को ऑनलाइन बाजार में बेच रहे है। जिसका फायदा यह हुआ कि लोगों को मिनटों में घर ब...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.