नई दिल्ली, दिसम्बर 18 -- दिल्ली की सड़कों और रिज क्षेत्र में घने जंगलों जैसा दिखने वाला वो कांटेदार पेड़, जिसे हम विलायती कीकर कहते हैं, अब विकास परियोजनाओं की राह में रोड़ा नहीं बनेगा। दिल्ली सरकार एक नई नीति पर काम कर रही है, जो इस आक्रामक विदेशी प्रजाति को हटाने का रास्ता आसान बनाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इसका मकसद पर्यावरण संरक्षण और लंबे समय से अटके प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाना है।विलायती कीकर क्यों है समस्या? विलायती कीकर दक्षिण और मध्य अमेरिका का मूल निवासी है। दिल्ली में यह लगभग एक सदी से मौजूद है और रिज क्षेत्र में 60 प्रतिशत से ज्यादा हरियाली पर कब्जा जमाए बैठा है। यह तेजी से फैलता है, घना छत्र बनाता है जो धूप रोकता है। इसकी जड़ें पानी तेजी से सोखती हैं और यह कैमिकल छोड़कर आसपास के पौधों की वृद्धि रोकता है। इससे स्थानीय प्रजातियों...
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