नई दिल्ली, नवम्बर 4 -- चांदनी चौक की चहल-पहल से थोड़ा हटकर, हौज काजी चौक पर लाल कुआं रोड पर एक खास मस्जिद छिपी है। तंग गलियों में दुकानों के ऊपर बनी यह 200 साल पुरानी मस्जिद अब भी रोज 100 नमाजियों को बुलाती है। लाल ईंटों वाली यह इमारत तीन गुंबदों की शानदार इमारत थी, लेकिन 2020 की भयंकर बारिश ने सब बदल दिया। इसके बाद से ही मस्जिद जीणोद्धार का इंतजार कर रही है।बारिश के बाद जर्जर हो गई इमारत इमाम मोहम्मद जाहिद याद करते हैं कि 2020 में एक रात तेज बारिश के साथ मध्य गुंबद धड़ाम से गिर गया। आधा हिस्सा मस्जिद के आगे गिरा, आधा पीछे। नीचे की छत में दरारें पड़ गईं। हर मानसून में पानी टपकता है। नमाजी अब भी आते हैं, लेकिन गुंबद के नीचे खड़े होने से डरते हैं। मस्जिद एक्टिव है, पर अधूरी लगती है।वक्फ बोर्ड के वादे दिल्ली वक्फ बोर्ड ने कई बार सर्वे कराया।...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.