नई दिल्ली, फरवरी 21 -- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण और हवा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली और आस-पास के इलाकों में उद्योगों के लिए कड़े कानूनी निर्देश जारी किया है। आयोग ने कहा कि सभी पहचानी गई उद्योग इकाइयों के लिए पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) का अधिकतम स्तर 50मिलीग्राम प्रति घन मीटर रखा जाए। इस कदम का उद्देश्य औद्योगिक धुएं और धूल से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करना और इलाके की हवा को लोगों के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित बनाना है। आयोग के अनुसार, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में पीएम के स्तर बढ़ने का एक मुख्य कारण औद्योगिक धुआं है। यह धुआं केवल प्रदूषण ही नहीं फैलाता, बल्कि सेकेंडरी पार्टिकुलेट बनने में भी योगदान करता है। पचास मिलीग्राम प्रति घन मीटर का स्तर जरू...