नई दिल्ली, मई 9 -- अमनदीप सिंह भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे पंजाब के गांवों में दिन अब सायरनों की आवाज से शुरू होता है और रातें ब्लैकआउट के अंधेरे में सिमट जाती हैं। अमृतसर के कई सीमावर्ती गांव जैसे अटरी, भिखी पिंड और तरन तारन में लोग अनिश्चितता और डर के बीच जी रहे हैं। खेतों में काम बंद हो गया है और स्कूलों में सन्नाटा पसरा है। लोगों के दिलों में एक ही सवाल है- क्या वाकई जंग छिड़ेगी? 70 वर्षीय गुरविंदर सिंह जो अटारी के पास रहते हैं, बताते है कि चिंता खाए जा रही है। पहले लगा था कुछ दिन की बात है। लेकिन अब तो हर रात डर के साए में बीत रही है। ब्लैकआउट के दौरान छोटे बच्चे लाइट जलाने की जिद करते हैं लेकिन वह नहीं समझते। खिड़कियों को काले कपड़े से ढक दिया है। गुरविंदर बताते हैं कि रातभर अपने पोते को अपने साथ लेकर सोते हैं। गुरविंदर सिंह ने कहा क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.