बागपत, सितम्बर 11 -- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली केवल 50 किलोमीटर दूर होने के बावजूद यात्रियों को दिन ढलने के बाद रोडवेज बसें नहीं मिल पाती। टैक्सियों, डग्गामार वाहनों का सहारा यात्रियों को लेना पड़ता है। बड़ौत रोडवेज डिपो के बेड़े में इस समय निगम अनुबंधित की 180 से ज्यादा बसें हैं जो विभिन्न रूट पर संचालित होती है। इतना बड़ा बेड़ा दिन ढलने के बाद यात्रियों के किसी काम का नहीं है। दिल्ली-सहारनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग, पेरिफेरल बनने के बाद सफर काफी सुगम हुआ है, इसके बावजूद दिन ढलने के बाद यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना दिल्ली जाने के लिए करना पड़ता है। यात्रियों को ऐसे में निजी टैक्सियों की मदद लेनी पड़ती है या फिर सहारनपुर डिपो की संचालित कुछ बसों की राह देखने को मजबूर होना पड़ता है, लेकिन ये बसें भी काफी लेट आती जाती है जिससे यात्रियों की दिक्कत...
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