कोडरमा, फरवरी 21 -- झुमरी तिलैया निज प्रतिनिधि। श्री दिगम्बर जैन समाज द्वारा श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में विराजित अयोध्या में जन्में अष्ठापद बद्रीनाथ वाले जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर देवाधिदेव 1008 श्री आदिनाथ भगवान और गिरनार गुजरात में पांचों कल्याणक प्राप्त करने वाले जैन धर्म के 22 वें तीर्थंकर नेमीनाथ भगवान की पाषाण की प्रतिमा 91 साल पूर्ण होने पर भव्य महामस्तिकाभिषेक किया गया। सर्वप्रथम प्रातः 7 बजे अन्य आदिनाथ वेदी से सभी प्रतिमा को बाहर पांडुक शिला पर विराजमान कर साथ मे अभिषेक किया गया, जिसमे समाज के काफी संख्या में पुरुष शामिल हुए। इस महमस्तिकाभिषेक मे रजत कलशों से अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद विश्व शांति मंत्रों द्वारा श्री जी के मस्तक पर शांतिधारा किया गया। साथ ही भक्तामर के 48 मंत्रों के द्वारा एक एक दीपक श्री जी के चरणों मे...