फतेहपुर, अगस्त 19 -- यूपी के फतेहपुर शहर के आबूलेन स्थित जिस विवादित स्थल पर मकबरा होने का दावा किया जा रहा है, उस स्थल के पुराने नक्शे में कहीं भी मकबरे का उल्लेख नहीं है। यह दावा किया है 55 साल पहले बैनामे के जरिये जमीन खरीदने वाले स्व. रामनरेश सिंह के बेटे विजय प्रताप सिंह ने। सोमवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह स्थल पुराने किले की मंदिर नुमा धरोहर के रूप में था। वर्ष 2007 के बाद फर्जी कागजात के आधार पर उसे राष्ट्रीय धरोहर और मकबरा बताने की कहानी गढ़ी गई। जिला प्रशासन को दस्तावेज सौंपने पहुंचे विजय प्रताप सिंह ने बताया कि फसली 1379 में उक्त जमीन जमींदार परिवार की शकुंतला मान सिंह पत्नी स्व. नागेश्वर मान सिंह के नाम अंकित है। जमीन पर किसी प्रकार का विवाद नहीं होने पर वर्ष 1970 में पिता स्व. रामनरेश सिंह ने 10 बीघा 18 बिस...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.