बागपत, अक्टूबर 30 -- खंडवारी टीला अपने अंदर इतिहास के वह गहरे राज छिपाए हुए हैं जिनसे इस क्षेत्र का नया इतिहास लिखा जाएगा। इतिहासकार दावा कर रहे हैं कि इस टीले पर बहु संस्कृति और सभ्यता का वास रहा है। महाभारत ही नहीं बल्कि प्री महाभारत काल के पुरावशेष भी इस टीले से प्राप्त हुए हैं जिस कारण इतिहासकार, शोधार्थी व पुराविद उत्साहित नजर आ रहे हैं। दरअसल, सिसाना गांव स्थित खंड़वारी में प्राचीन दीवार निकलने के बाद इतिहासकारों, पुराविदों में हलचल तेज हो चली है। पहले शहजाद राय शोध संस्थान के निदेशक डॉ. अमित राय जैन यहां पहुँचे। उन्होंने जायजा लेते हुए साक्ष्य भी जुटाए और एक रिपोर्ट तैयार कर एएसआई के महानिदेशक को भी भेजी। इसके अगले ही रोज भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) की तीन सदस्य अधिकारियों की टीम टीले पर पहुंच गई। दीवार में मिली ईंटों की नापतौल की...
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