कानपुर, फरवरी 12 -- कानपुर। मोदी सरकार ने अमेरिका से व्यापारिक समझौता कर देश की संप्रभुता को खतरे में डाला है। यह बातें वामपंथी नेता और पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने सरकार की नीतियों पर विरोध जताते हुए कही। गुरुवार को वह देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में आयोजित सभा को संबोधित कर रहीं थीं। इससे पूर्व गुरुवार को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारियों ने दादानगर चौराहे पर प्रदर्शन किया। ट्रेड यूनियन नेता, एटक के अध्यक्ष एवं संयोजक असित कुमार सिंह ने कहा कि जीवन-जीविका की रक्षा के लिए यह अंतिम लड़ाई के रूप में देख रहे हैं और हम संगठित व असंगठित दोनों क्षेत्रों के मजदूरों को लामबंद कर करो या मरो की नीति पर तैयार हो रहे हैं। ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि चार नए लेबर कोड मजदूरों के अधिकार छीनने का काम कर रहे हैं। इन कानूनों से यूनियन बनाने और सामूहिक...
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