सुल्तानपुर, जनवरी 22 -- बल्दीराय संवाददाता। एक महीने तक चलने वाला दाता करीम शाह का मेला वसंतपंचमी से शुरू हो रहा है। भवानी शिवपुर गाँव के पास स्थित दाता करीम शाह की मजार क्षेत्रीय लोगों की आस्था, विश्वास और आपसी भाईचारे की मिसाल बनी हुई है। यहां हिन्दू-मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग मजार पर चादर चढ़ाते हैं व मत्था टेकते हैं। उनको विश्वास है कि यहाँ मांगी गई मन्नतें पूरी होती हैं, वसंतपंचमी के दिन से यहाँ एक महीने तक बड़ा मेला भी लगता है और मजार के बगल स्थित धूनी बारहों महीने जलती रहती है। क्षेत्र में यहां पर लगने वाला मेला धुनिया का मेला नाम से मशहूर है। इस स्थल की कहानी एक सिद्ध फकीर के चमत्कारी कारनामों से शुरू होती है। मजार पर सेवा कार्य मे लगे सेवादार बताते हैं कि दाता करीम शाह का इतिहास सैकड़ों साल पुराना है। उसी में कुटिया बनाकर करीम शाह...