औरंगाबाद, सितम्बर 15 -- दाउदनगर की ऐतिहासिक, धार्मिक व सांस्कृतिक विरासत के रूप में जितिया की पहचान है। जितिया पर कई तरह के कलाकार प्रदर्शन कर रहे हैं। नकल को देखने के लिए लोगों की भीड़ रह रही है। जितिया के दौरान प्रतिदिन हैरत अंगेज कारनामे किए जाते हैं। स्थानीय कलाकारों द्वारा दिखाई गई कला से लोग मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। चाहे शरीर में चाकू चढ़ाना हो, गर्म लोहे की छड़ हाथों से पकड़ना, सिर पर आग लगाना, मुड़ी कटवा जैसी प्रस्तुति देख लोग दांतो तले उंगली दबा लेते हैं। झांकी भी ऐसी कि लोग हतप्रभ रह जाते हैं। झांकी देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है। इन सभी को प्रोत्साहित करने के लिए नकल अभिनय प्रतियोगिता भी कराई जाती है जिसके लिए तैयारी पूरी हो चुकी है। इमलीतर विद्यार्थी चेनता परिषद, कसेरा टोली में कांस्यकार पंचायत समिति, पुराना शहर जोड़ा मंदिर, ...
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