कोडरमा, जनवरी 13 -- जयनगर, निज प्रतिनिधि। हजरत बाबा अब्दुल रहीम शाह के 89वें सालाना उर्स पाक के मुबारक पर अता-ए-रसूल कॉन्फ्रेंस जलसे का आयोजन किया गया। जलसे की अध्यक्षता मुफ्ती अमीरुद्दीन मिस्बाही ने की, जबकि संचालन कारी इजरायल कमर ने किया। मौलाना अफजल हुसैन मिस्बाही ने कहा कि उर्स केवल किसी बुजुर्ग को याद करने का नाम नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी को इस्लामी उसूलों के मुताबिक ढालने का पैगाम देता है। उन्होंने कहा कि इस्लाम ने महिलाओं को विशेष सम्मान और ऊंचा मुकाम दिया है तथा पर्दा उनकी हिफाजत, पाकीज़गी और इज्जत का माध्यम है। उन्होंने दहेज प्रथा की सख्त निंदा करते हुए कहा कि यह समाज को खोखला करने वाली सामाजिक बुराई है, जिससे बचना हर मुसलमान की जिम्मेदारी है। साथ ही तालीम (शिक्षा) को तरक्की और कामयाबी की कुंजी बताया। वहीं सैयद शाह कामरान हसीब ने अ...