उन्नाव, दिसम्बर 7 -- उन्नाव। शासन ने प्रदूषित जल प्रवाह करने वाले उद्योगों को पानी शोधित करने के बाद ही ड्रेन में बहाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि जनपद में फैक्टरी संचालक शासन के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। आलम यह है कि फैक्टरी संचालकों द्वारा चोरी छिपे प्रदूषित पानी सीधे ड्रेन में बहा दिया जा रहा है। इससे सीईटीपी से शोधित होकर निकलने वाला पानी आगे जाकर दोबारा काला हो जा रहा है। जनपद के दही औद्योगिक क्षेत्र में करीब 26 प्रदूषित जलप्रवाहकारी उद्योग संचालित हैं। यहां से निकलने वाले पानी को शोधित करने के लिए फैक्टरियों में ईटपी संचालित किए जाने का दावा किया जाता है। ईटीपी से शोधित पानी सीईटीपी में पहंुचता है जहां इसे शोधित कर ड्रेन में बहा दिया जाता है। हालांकि दही औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी संचालक मनामानी पर उतारू हैं। क्षेत्रीय ग्रा...