प्रयागराज, अगस्त 21 -- प्रयागराज, अनिकेत यादव। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हुए शोध ने मानसून की बदलती तस्वीर उजागर की है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि ग्लोबल वार्मिंग के चलते अब भारत में महीनों तक फैली रहने वाली मानसूनी बरसात घटकर केवल 5 से 10 दिनों की तेज बारिश में सिमट गई है। पहले पूरी मानसून अवधि यानी लगभग 122 दिनों में धीरे-धीरे जितनी बारिश होती थी, अब उतनी ही बारिश अधिक तीव्रता से पांच से दस दिनों में ही हो जाती है। अचानक होने वाली इस तेज बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ता है, जिससे बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं। इविवि स्थित के. बनर्जी वायुमंडलीय और महासागर अध्ययन केंद्र (के. बनर्जी सेंटर) में हुआ प्रो. सुनीत द्विवेदी का यह शोध इंग्लैंड के एरा-5 और भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के 84 वर्षों (1940...
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