नई दिल्ली, जनवरी 26 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने पुलिस को निर्देश दिया है कि यौन उत्पीड़न पीड़िता का नाम, माता-पिता या पता अदालत में दाखिल किए गए किसी भी दस्तावेज में नहीं बताया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से कहा कि वे सभी थानाध्यक्षों व जांच अधिकारियों को यौन अपराध पीड़िता की पहचान बताने के खिलाफ कानून का सख्ती से पालन करने के लिए निर्देश दें। पीठ ने ये निर्देश पॉक्सो मामले में एक आरोपी की जमानत अर्जी खारिज करते हुए दिया। पीठ ने चिंता के साथ ध्यान दिया कि इस मामले में जांच अधिकारी द्वारा दाखिल की गई स्टेटस रिपोर्ट में पीड़िता का नाम लिखा किया गया था। पीठ ने आदेश दिया कि संबंधित इलाके के पुलिस आयुक्त (जिसका मोती नगर पुलिस स्टेशन पर अधिकार क्षेत्र है) को निर्देश दिया ज...