बरेली, फरवरी 9 -- स्वच्छ सर्वेक्षण की नई गाइडलाइन में दस्तावेजों में किए गए दावों और जमीनी हकीकत में अंतर होने पर निगेटिव मार्किंग होगी। जो जमीनी हकीकत होगी सर्वे टीम उसकी ही रिपोर्ट बनाकर भेजेगी। फील्ड सर्वे में 20 प्रतिशत से अधिक अंतर पाया गया, तो अंक कटेंगे। यह कटौती विभिन्न स्तरों पर होगी। बरेली में अब भी कई प्रमुख बाजारों और रिहायशी इलाकों में दिन में दो बार सफाई नहीं हो रही है और कई स्थानों पर कचरे के ढेर देखे जा सकते हैं। यदि स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान ऐसा पाया गया तो शहर की रैंकिंग पर असर पड़ सकता है। हालांकि, नगर निगम की ओर से जीआईएस (जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम) आधारित योजनाएं लागू करने से बरेली को फायदा मिलने की संभावना है। प्रमुख सड़कों पर डामरीकरण, सौंदर्यीकरण और धूल रोकने के लिए तमाम प्रयास नगर निगम कर रहा है। स्वच्छ सर्वेक...