कानपुर, दिसम्बर 18 -- कानपुर। जीएसटी के आठ वर्ष बीतने के बावजूद अभी भी विभाग एवं कारोबारियों के बीच विवाद समाप्त नहीं हुए हैं। ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस का दावा धरातल पर अब तक नहीं उतरा। आगे की राह तो और भी कठिन लग रही है। दस्तावेजों के दांवपेंच में जीएसटी प्रक्रिया इतनी उलझ जाएगी कि कारोबारी और परेशान होंगे। मर्चेंट्स चैम्बर ऑफ उत्तर प्रदेश, कानपुर इनकम टैक्स बार, सेल्स टैक्स बार, कानपुर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसाइटी, एसोसिएशन ऑफ़ जीएसटी ट्रिब्यूनल प्रैक्टिशनर्स एवं नॉलेज पार्टनर धर्मेंद्र अकादमी ऑफ जीएसटी की ओर से टैक्स गोष्ठी में वक्ताओं ने यह जानकारी दी। चैंबर के सर पदमपत सिंघानिया ऑडिटोरियम में आयोजित गोष्ठी का विषय जीएसटी के विवादित बिंदुओं एवं अधिकरण पीठ में अपील दाखिल किए जाने की प्रक्रिया रहा। पुणे से आए मुख्य वक्ता सीए प्रीतम माहुरे ने क...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.