बागपत, अक्टूबर 2 -- ऊजले भर में गुरुवार की शाम बुराई के प्रतीक रावण, मेघनाथ और कुंभकरण का वध किया गया। जैसे ही पुतलों में आग लगी, वैसे ही वे धू-धू कर जल उठे। पुतला दहन देखने के लिए लोगों की काफी भीड़ उमड़ी। सुरक्षा की दृष्टि से पुतल दहन स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। बागपत शहर के दिल्ली रोड पर खाली पड़े मैदान में गुरुवार को विजय दशमी उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम आयोजकों ने रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले की व्यवस्था की थी। शाम होते ही मुख्य अतिथियों ने भगवान राम और लक्ष्मण का तिलक किया। इसके बाद रामलीला का मंचन शुरू हुआ, जिसमें अहिरावण का वध किया गया। फिर बाण चलाकर रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले को आग लगाई गई। पुतलों में आग लगते ही मैदान में जय श्री राम के जयकारें लगने लगे। पुतला दहन स्थल पर सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल तैनात रहा।...
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