लखनऊ, जनवरी 16 -- लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। कई बार मरीज की बीमारी बढ़ जाता है। दवाएं बेअसर हो जाती हैं। ऐसे में मरीज का जीवन बचाने से ज्यादा उसके कष्टों को कम करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि लाइलाज बीमारी से पीड़ित मरीजों की अंत तक बेहतर देखभाल की जा सके। यह जानकारी चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने दी। पीजीआई के क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग की ओर से शुक्रवार को एंड-ऑफ-लाइफ-केयर पर कार्यशाला हुई। अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने कहा कि लाइलाज बीमारी से पीड़ित मरीजों को सम्मानजनक मृत्यु के लिए चिकित्सा संस्थानों में जीवन के अंत तक देखभाल की आवश्यकता होती है। इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में सभी डॉक्टरों के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। निदेशक डॉ. आरके धीमान ने कहा कि संस्थान के लिए जीवन के अंत तक देखभाल के लिए एक एसओपी की आवश्यकता है। इस...