संभल, जून 21 -- कभी खुद दर्द में डूबे थे, आज दूसरों की राहत की राह बन गए हैं। योग ने संभल के ऐसे कई लोगों की जिंदगी में चमत्कारी बदलाव किए हैं। कभी बीमारी से जूझ रहे ये लोग अब न केवल पूरी तरह स्वस्थ हैं, बल्कि दूसरों को भी योग की राह दिखा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हिन्दुस्तान ऐसे ही प्रेरक चेहरों की कहानी सामने ला रहा है, जिनकी जिंदगी में योग ने आशा की नयी सुबह ला दी। किसी ने पैरालायसिस को हराया, किसी ने थायरॉयड को मात दी, तो किसी ने वर्षों पुरानी गांठ और सांस की तकलीफ से मुक्ति पाई और फिर खुद योग शिक्षक बनकर दूसरों की सेवा में जुट गए। इन कहानियों का मकसद सिर्फ अनुभव साझा करना नहीं, बल्कि यह संदेश देना है कि योग सिर्फ एक व्यायाम नहीं, बल्कि एक जीवन बदलने वाली साधना है। पैरालायसिस को हरा दयाशंकर ने हर घर तक योग पहुंचाने की...
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