दरभंगा, जनवरी 13 -- दरभंगा राज परिसर में 1874 में निजी रेल लाइन बिछाई गई थी। वाजितपुर से चलकर पहली ट्रेन दरभंगा पहुंची थी। वाजितपुर टर्मिनल से नरगौना टर्मिनल तक 55 मील लंबे इस रेलखंड का निर्माण सिर्फ 62 दिनों में पूरा किया गया था। यह विश्व रिकॉर्ड था। दरभंगा राज परिवार ने तिरहुत रेलवे कंपनी स्थापित की और उसका मुख्यालय दरभंगा के मोती महल को बनाया। रेलखंड बनाने की जिम्मेदारी इंग्लैंड की एक कंपनी को सौंपी गयी। दूरसंचार के लिए तार बिछाने का ठेका रमेश्वर सिंह अर्थात लंगट सिंह को मिला। इस रेलखंड ने क्षेत्र का विकास किया और लोगों को गिरमिटिया बनने को मजबूर नहीं होना पड़ा।
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