नई दिल्ली, दिसम्बर 15 -- नई दिल्ली। शीर्ष अदालत ने चेन्नई सेंट्रल से डीएमके प्रत्याशी दयानिधि मारन के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची व जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने मामले पर सुनवाई की। याचिका में मद्रास हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि बयानों और साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ था कि याचिकाकर्ता ने बिना ठोस सबूत के कुछ खर्चों को आवेदक से जुड़ा मान लिया था, लेकिन ऐसा कोई ठोस आधार नहीं था जिससे इसे भ्रष्ट आचरण साबित किया जा सके। शीर्ष अदालत ने कहा कि मामले में मारन द्वारा पेश किए गए खर्च के ब्योरे में चुनाव आयोग ने भी कोई गड़बड़ी नहीं पाई थी। अदालत ने उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा।

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