प्रयागराज, जनवरी 5 -- संस्कृति विभाग उप्र की ओर से परेड ग्राउंड सेक्टर तीन में स्थित सांस्कृतिक पंडाल में सांस्कृतिक संध्या के दूसरे दिन सोमवार को चंडीगढ़ से आईं सूफी गायिका ममता जोशी ने प्रस्तुति दी। उन्होंने कबीर की निर्गुण विचाधारा से प्रेरित प्रसिद्ध दोहे जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाहि से अपनी प्रस्तुति की शुरुआत की। उसके बाद उन्होंने चदरिया झीनी रे झीनी, मेरे राम गाड़ी वाले जरा हल्के गाड़ी हांको, मेरे राम की कृपा से सब काम हो रहा है... की प्रस्तुति से समां बांधा तो आखिरी प्रस्तुति दमादम मस्त कलंदर पर श्रोता झूम उठे। वाराणसी की हरप्रीत कौर व साथी कलाकारों ने ओ पालन हारे निर्गुण और न्यारे व कभी राम बनके कभी श्याम बनके... जैसे भजनों की प्रस्तुति से मंत्रमुग्ध किया तो महोबा के विपिन यादव व साथियों ने डंडा लोकनृत्य की अद्भुत प...