बरेली, अगस्त 27 -- थिएटर अड्डा में रंगालय एकेडेमी ऑफ आर्ट एंड कल्चर की तरफ से चल रहे थिएटर फेस्ट में मंगलवार को नाटक खुदा हाफिज का मंचन मयूर संस्थान प्रयागराज ने किया। नाटक दंगों की भयावहता में पिसते आम आदमी की पीड़ा को दर्शाता है। निर्देशक रिभु श्रीवास्तव के निर्देशन में प्रस्तुत नाटक खुदा हाफिज दंगे में फंसे दो युवाओं की कहानी है। दोनों दंगाईयों से बचने के लिए भाग कर कूड़े के डिब्बें में छिप जाते है फिर उन दोनों को भय, नफरत और शक का सिलसिला शुरू होता है। समदेश बसु की कहानी का नाट्य रुपांतर गुलजार ने किया। इसके पहले कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. नीरज अग्रवाल, डॉ. विनोद पागरानी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.