गोरखपुर, फरवरी 17 -- गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता थैलेसीमिया रक्त से संबंधित दिव्यांगता है। इसमें प्रभावित व्यक्ति में खून बहुत कम बनता है। थैलेसीमिया पीड़ित को नियमित रूप से खून चढ़ाना पड़ता है। थैलेसीमिया मरीजों के लिए खून का संकट रहता है। इसको देखते हुए सीआरसी ने मंगलवार को रक्तदान शिविर आयोजित किया। इस दौरान एचएलए मैपिंग टेस्ट भी होगा। सीआरसी के निदेशक जितेंद्र यादव ने बताया कि थैलेसीमिया में बोनमैरो ट्रांसप्लांट उपचार का बेहतर विकल्प है। जिसके लिए एचएलए मैपिंग टेस्ट आवश्यक होता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखकर मंगलवार को शिविर में पहले से चिन्हित 120 से ज्यादा थैलेसीमिया के दिव्यांगजन का एचएलए मैपिंग टेस्ट होगा। ताकि उनका बोनमैरो ट्रांसप्लांट हो सके। यह आयोजन अपोलो अस्पताल नई दिल्ली और फाइट अगेंस्ट थैलेसीमिया के संयुक्त तत्वावधान किया जा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.