मुजफ्फरपुर, नवम्बर 19 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। नया टोला स्थित थियोसोफिकल लॉज सभागार में बुधवार को थियोसोफिकल सोसाइटी का 151वां स्थापना दिवस मनाया गया। अध्यक्षता चितरंजन सिन्हा कनक ने की। उन्होंने कहा कि थियोसोफी ब्रह्मविद्या का मूल स्वर है। ऋग्वेद में उल्लेख है कि हर वस्तु में जड़ चेतन है, हमारे रोम रोम में, हमारे बाहर भीतर चारों तरफ ब्रह्म व्याप्त हैं। इस पृथ्वी पर पल रहे सभी प्राणियों, सभी जीव जंतुओं एवं जिसमे भी जीव है, उन सबों में ब्रह्म व्याप्त है। प्रत्येक मनुष्य के अंदर सभी जीवों के प्रति सद्भभावना, समरसता एवं सहिष्णुता का भाव रखना हमारा कर्तव्य है। बैठक में प्रेम कुमार वर्मा, शंभू शरण सिन्हा, रमेश प्रसाद श्रीवास्तव, उभय कुमार सिन्हा उपस्थित थे। डॉ. रविंद्र कुमार रवि ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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