सुपौल, नवम्बर 18 -- त्रिवेणीगंज, निज प्रतिनिधि विधानसभा चुनाव और त्योहारों के मौसम में सब्जियों के दाम बढ़ना आम बात है, लेकिन चुनावी हलचल और पर्व-त्योहार की रौनक खत्म होने के बाद भी बाजार में सब्जियों की कीमतों में कोई कमी होती नहीं दिख रही है। हरी सब्जियों के दाम लगातार ऊँचे बने रहने से आम लोगों की रसोई का बजट बुरी तरह बिगड़ गया है। गृहणियों का कहना है कि रोज-रोज बढ़ती कीमतों ने रसोई का संतुलन गड़बड़ा दिया है और सब्जियों का जायका अब जेब पर भारी पड़ रहा है। पहले इस सीजन में सुबह में ग्रामीण इलाकों से आने वालेलोकल सब्जी बाजार में आने की वजह से पहले बाजार में कम दाम पर सब्जी उपलब्ध हो जाती थी, लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल उलट है। चाहे हरी सब्जी हो या मसालेदार सब्जी किसी के कीमत में राहत के नहीं दिख रहे हैं। मौसम ने बिगाड़ी हालत, आवक में आई भ...