नई दिल्ली, दिसम्बर 17 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। थाने के चक्कर काटने के बावजूद न्याय न मिलने से निराश एक महिला किराएदार को आखिरकार अदालत से राहत मिली है। कड़कड़डूमा स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अखिल मलिक की अदालत ने मकान मालिक की कथित दबंगई, छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकियों के मामले में पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा कि शिकायत में प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है और मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। महिला की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार ढाका ने अदालत को बताया कि शिकायतकर्ता जनवरी 2021 से आरोपी प्रदीप भारद्वाज के मकान में किराएदार के रूप में रह रही है। आरोप है कि महिला ने मकान मालिक को पांच लाख रुपये की सुरक्षा राशि दी थी, जिसे तय अवधि के बाद लौटाया जाना था। शिकायत के अनुसार, कुछ समय बाद आरोपी...
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