गया, नवम्बर 24 -- थाईलैंड में नौकरी का सपना लेकर घर से निकला गया जी के डेल्हा मोहल्ले का युवक धर्मेंद्र कुमार जिस रास्ते गया, वह सीधे साइबर गुलामी की भयावह दुनिया में जा पहुंचा। बेहतर भविष्य की तलाश में उसने एजेंट पर भरोसा किया। लेकिन, चंद दिनों में वह म्यांमार के जंगलों में बंद कमरों में भूख-प्यास और बंदूकधारी गिरोहों के बीच मौत का इंतजार करता मिला। थाईलैंड में आकर्षक वेतन और मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी का झांसा देकर उसे म्यांमार की सीमा पर सक्रिय साइबर स्कैम गिरोह के हाथों बेच दिया गया। तीन दिन तक अंधेरे कमरे में भूखे-प्यासे कैद रखने के बाद उनकी जान म्यांमार आर्मी की छापेमारी में बची। इंडियन एंबेसी की मदद से वह किसी तरह गया जी 20 नवबंर को वापस लौटा। धर्मेंद्र ने बताया कि वह पुणे में नौकरी करता था। लेकिन, नौकरी छूटने पर वह परेशान था। तभी ...
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