सहारनपुर, फरवरी 16 -- सामाजिक एवं साहित्यिक संस्था मानव एकता मंच के तत्वावधान में मुशायरे का आयोजन किया गया। इस दौरान शायरों ने अपने अशार सुनाकर श्रोताओं से दाद-ओ-तहसीन हासिल की। सांपला रोड स्थित रहमत कालोनी में आयोजित मुशायरे का उद्घाटन सुलेमान फारुकी आढ़ती ने फीता काटकर और डा. शाजिया नाज ने शमा रोशन कर किया। मुशायरे में चांद देवबंदी ने पढ़ा कि खत्म दिल से सारी रंजिश बेरुखी करनी पड़ी, थक गए जब दुश्मनी से दोस्ती करनी पड़ी। डा. सलमान दिलकश ने पढ़ा कि चाहते हो जो जमाने में बनो तुम दिलकश, बस यही बात है काफी तुम्हें उर्दू आए। नदीम अनवर ने पढ़ा कि इतनी दौलतें मत दे जिससे गैर जल जाएं, मुझको सिर्फ इतना दे मेरा काम चल जाए। डा. सादिक देवबंदी ने पढ़ा कि खून बहने लगा है आंखों से कोई लम्हा चुभा है आंखों से, सारे मंजर उदास लगते है कोई ओझल हुआ है आंखों से। जह...