मथुरा, नवम्बर 1 -- देवोत्थान एकादशी पर सर्दियों के सीजन का सबसे बड़ा धूम-धड़ाका आपको देखने को मिलेगा। इसके लिए महानगर के होटल व मैरिज होम सज चुके हैं। बैंडबाजा वालों ने भी तैयारी पूरी कर ली है। एकादशी तिथि दो दिन होने की वजह से एक दो नवंबर को देवोत्थान एकादशी मनाई जाएगी। हालांकि दो नवंबर को एकादशी, द्वादशी और त्रयोदशी तीनों तिथियां स्पर्श करने की वजह से त्रिस्पर्शी योग देवोत्थान एकादशी को खास बना रहा है। इस दिन तुलसी-सालिग्राम के विवाहोत्सव के साथ शादी समारोहों का दौर भी प्रारंभ हो जाएगा। दीपावली गुजरने के बाद बाजारों में सहालगों की खरीदारी प्रारंभ हो जाती है। इसकी मुख्य वजह देवोत्थान एकादशी से सहालगों का सीजन प्रारंभ होना माना जाता है। यही वजह है कि अधिकांश लोगों ने देवोत्थान एकादशी को ही विवाह समारोहों के लिए चुना है। हालांकि कुछ लोगों ...
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