वाराणसी, अगस्त 25 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। आने वाले समय में त्रिसंध्या धारा और माधव नाम ही मनुष्य के कल्याण का मंत्र है, जिसे स्वयं भगवान विष्णु के पंचसखाओं ने लिखित रूप में दिया है। पंचायती बाग, भरत मिलाप मैदान (नाटीइमली) में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक डॉ. काशीनाथ मिश्र ने रविवार शाम ये उद्गार व्यक्त किए। कथा का आयोजन श्री काशी वाराणसी मंडल और विश्व सनातन धर्म सेवा ट्रस्ट की ओर से किया गया है। डॉ. काशीनाथ ने श्रीमद्भागवत के साथ ही भविष्य मालिका के आधार पर कलियुग के अंत के लक्षणों पर प्रकाश डाला और जगन्नाथ पुरी से आने वाले संकेतों का उल्लेख किया। कथा श्रवण करके उपस्थित भक्तजन आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठे। कथा स्थल पर रोज हरिनाम संकीर्तन के साथ वातावरण भक्तिमय बना है। कथा 29 अगस्त तक रोज शाम 5 बजे से 7 बजे तक होगी।
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