देहरादून, अगस्त 8 -- संयुक्त नागरिक संगठन की ओर से आयोजित वक्ताओं ने कहा कि उत्तरकाशी धराली गांव की भीषण त्रासदी 12 साल पहले केदारनाथ में हुई आपदा की पुनरावृत्ति के समान है। बादल का फटना और हिमनदीय तलछटी भूस्खलन भी है जिससे कीचड़, चट्टानें,हिमनदीय मलबा शामिल था जो विशाल मात्रा में धराली पहुंचा था। संयुक्त नागरिक संगठन की ओर से गुरुवार को नेमी रोड पर संगठन कार्याल में गोष्ठी आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग से हिमालय क्षेत्र में तापमान बढ़ने के फलस्वरुप ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं जो तलछट को अस्थिर करते हैं। घटना को लेकर सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों का निष्कर्ष था कि जलवायु परिवर्तन अनियोजित विकास,पारिस्थितिक असंतुलन और प्रशासनिक अक्षमताओं के कारण उत्तराखंड संकटग्रस्त राज्य के रूप में आकर ले रहा है जो भविष्य के लिए हान...
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