फर्रुखाबाद कन्नौज, दिसम्बर 10 -- फर्रुखाबाद। बालाजी धाम में चल रही श्रीराम कथा में आचार्य जितेंद्र कृष्ण मिश्र ने कहा कि भरत चरित्र में त्याग, संयम, धैर्य और ईश्वर प्रेम का उदाहरण मिलता है। इस चरित्र में भाई के प्रति प्रेम की शिक्षा मिलती है। इस मनुष्य जीवन में भाई और ईश्वर के प्रति प्रेम नही है तो वह जीवन पशु के समान होता है। भरत और राम से भाई और ईश्वर से प्रेम की सीख लेनी चाहिए। रामायण में भरत ही एक ऐसा पात्र है जिसमें स्वार्थ और परमार्थ दोनों को समान दर्जा दिया गया है। इस दौरान विजय गौर आदि व्यवस्था में रहे।
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