मुंगेर, जनवरी 16 -- असरगंज, निज संवाददाता। असरगंज बस स्टैंड स्थित संत नागा निरंकारी पथिक आश्रम में ब्रह्मलीन स्वामी पथिक जी महाराज की 117 वीं जयंती गुरुवार को श्रद्धा एवं ·भक्ति के साथ मनाई गई। हरिद्वार से पधारे सुबोधनंद महाराज ने पथिक जी के जीवन एवं कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी 1909 को उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में पथिक जी महाराज का अवतरण हुआ था। वे 89 वर्ष की उम्र में हरिद्वार के पावन गंगा तट पर 10 जून 1997 को अपना भौतिक शरीर त्याग कर परम पद में लीन हो गए। त्याग- तप और ज्ञान- वैराग्य की प्रतिमूर्ति रहे पथिक जी महाराज जीवन पर्यंत निर्धन,असहाय, रोगियों की सेवा की तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों में आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचार- प्रसार किया। पथिक जी महाराज का कहना था कि सच्चिदानंद स्वरूप परमात्मा प्रत्येक प्राणी ...