लखनऊ, फरवरी 23 -- लखनऊ, ‌‌विशेष संवाददाता। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि वर्तमान में लगभग 12 लाख पुराने तकनीक के स्मार्ट मीटरों को आरडीएसएस योजना के अंतर्गत बदला जा रहा है। यह परिवर्तन अंततः प्रदेश की जनता पर आर्थिक बोझ के रूप में डाला जा रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अब आरडीएसएस योजना के तहत प्रदेश के लगभग 2 करोड़ 80 लाख विद्युत उपभोक्ताओं के घरों में 4जी तकनीक आधारित स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। प्रश्न यह उठता है कि यदि भविष्य में तकनीक पुनः बदलेगी, तो क्या उसका खर्च भी उपभोक्ताओं पर ही डाला जाएगा? उन्होंने कहा कि अगर बिजली कंपनियां विद्युत नियामक आयोग से मीटर शुल्क को टैरिफ में पास करवा लेती हैं तो हर महीने उपभोक्ताओं को प्रति मीटर लगभग 100 रुपये से ज्यादा का भुगतान प्रति माह के ह...