नई दिल्ली, जुलाई 13 -- मदन जैड़ा नई दिल्ली। सीमाओं की निगरानी को लेकर हालांकि कई नई तकनीक आ चुकी हैं। ड्रोन और उपग्रह से सीमाओं पर नजर भी रखी जा रही है। दुर्गम इलाकों में सामान ढोने के लिए ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक खच्चर इस्तेमाल हो रहे हैं। लेकिन, पूर्वी लद्दाख के दुर्गम इलाकों में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गश्त व समान ढोने के लिए सेना दो कूबड़ वाले बैक्ट्रियन ऊंट की मदद लेने की तैयारी में है। इसके लिए सेना रिमाउंट वेटरनरी कॉर्प्स (आरवीसी) में अधिक संख्या में बैक्ट्रियन ऊंटों की भर्ती करने की योजना बना रही है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, अभी आरवीसी और 14 कॉर्प्स के पास कुल मिलाकर 14 बैक्ट्रियन ऊंट हैं। इनको परीक्षण के तौर पर ऊंचे इलाकों में सामान ढोने और गश्त के लिए परीक्षण के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। यह परीक्षण बेहद सफल रहा है। ...
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