लखनऊ, सितम्बर 1 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता गमगीन माहौल में सोमवार को चुप ताजिए का जुलूस निकाला गया। भोर में निकले जुलूस में लगातार बारिश हो रही थी। तेज बारिश का हुसैन के चाहने वाले अजादारों पर कोई असर नहीं दिखा। चुप ताजिए के जुलूस के साथ ही कर्बला के शहीदों की याद में दो महीने आठ दिन से चल रहा मजलिस-ओ-मातम व जुलूसों का सिलसिला खत्म हो गया। जुलूस विक्टोरिया स्ट्रीट स्थित इमामबाड़ा नाजिम साहब से बड़ी अकीदत, एहतराम और आंसुओं के साथ रौजा-ए-काजमैन ले जाया गया। इस बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे। तीन किलोमीटर से अधिक का सफर जुलूस में अजादारों ने पैदल तय किया। जुलूस में लखनऊ सहित विभिन्न शहरों से आये हजारों अजादारों ने हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों को आंसुओं का नजराना पेश किया। रास्ते भर बुजुर्ग व बच्चे नकाबत पढ़ते चल रहे थे। जुलूस में सबस...
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