सिमडेगा, मई 11 -- सिमडेगा। जिले के विभिन्न विद्यालयों में अध्ययनरत सैकड़ों बच्चों पर आसमानी बिजली का खतरा मंडराता रहता है। अभिभावक अपने बच्चों को बरसात के दिनों में स्कूल भेजने से कतराते हैं। शिक्षा विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सुस्ती और विद्यालय प्रबंधन समितियों की अज्ञानता की वजह से किसी भी विद्यालय में वज्रपात से कोई बड़ी दुर्घटना कभी भी हो सकती है। कुरडेग के तो रामवि कुटमाकच्छार एवं राउमवि कोलोमुंडा में वज्रपात हो चुका है। हालांकि वज्रपात के समय स्कूल में बच्चे नहीं थे। जिस कारण बड़ा हादसा टल गया। दोनों स्कूल में लगे तडि़त चालक की वर्षो पूर्व चोरी हो चुकी है। बता दें जिले की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां पर अक्सर वज्रपात की घटनाएं घटित होते रहती है। विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों और कार्यरत शिक्षकों को वज्रपात की घटनाओं से बचाने के...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.