पटना, फरवरी 5 -- जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा है कि विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को कानून व्यवस्था पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्हें नीतीश सरकार को नसीहत देने से पहले अपने अतीत के काले अध्यायों को पलटकर देखना चाहिए। सूबे की जनता वह दौर कभी नहीं भूल सकती, जब मुख्यमंत्री आवास में अपहरण की डील और फिरौती की रकम तय होती थी। जिनके माता-पिता के शासनकाल में पूरा प्रदेश भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को विवश था, माताएं-बहनें सत्ता-पोषित अपराधियों के डर से घर की चौखट पार नहीं करती थीं, वे क्या नसीहत देंगे?

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...